2022 के हादसे में दोनों हाथ-पैर गंवाने वाले योद्धा, जो आज गाड़ी चलाते हैं, बैंजो बजाते हैं और हजारों को प्रेरित करते हैं
“जब मेरे पास हाथ नहीं थे उसका हाथ थामने के लिए, तब वो मेरी ताकत बनी।” – अविनाश
परिचय : 2022 में एक भयानक इलेक्ट्रिक शॉक हादसे ने इनकी पूरी जिंदगी बदल दी। इस हादसे में इन्होंने अपने दोनों हाथ और दोनों पैर खो दिए। डॉक्टरों ने कह दिया था कि बचना मुश्किल है, लेकिन भगवान ने इन्हें दूसरा जीवन दिया। माँ और पत्नी के अटूट साथ ने इन्हें मौत के मुँह से वापस लाया। आज अविनाश न सिर्फ खुद गाड़ी चलाते हैं, बैंजो बजाते हैं, जिम में वर्कआउट करते हैं, बल्कि अपनी कहानी से हजारों लोगों को फिर से खड़े होने की हिम्मत दे रहे हैं।
IDOL TALKS™ के साथ एक खास बातचीत
आइडल टाॅक्स : अविनाश, आपकी जीवन यात्रा कैसे शुरू हुई ? हादसे से पहले आपकी जिंदगी कैसी थी?
अविनाश : मेरी जिंदगी बिल्कुल सामान्य थी, एक आम इंसान की तरह। काम, परिवार और छोटे-छोटे सपने । कभी सोचा भी नहीं था कि एक पल में सब कुछ बदल जाएगा
आइडल टाॅक्स : वो हादसा कैसे हुआ था ?
अविनाश : वो 2022 का दिन था। एक भयानक इलेक्ट्रिक शॉक लगा। उसके बाद मुझे कुछ होश नहीं रहा। जब आँख खुली तो मैं अस्पताल में था और मेरे दोनों हाथ और दोनों पैर जा चुके थे।
आइडल टाॅक्स : जब आपको होश आया और पता चला कि आपने सब कुछ खो दिया है, तब मन में क्या था ?
अविनाश : पहले तो लगा सब खत्म हो गया। मैं जी कर क्या करूंगा ? डॉक्टरों ने भी उम्मीद छोड़ दी थी। उस अंधेरे समय में मेरी माँ और मेरी पत्नी ही मेरी रोशनी बने।
आइडल टाॅक्स : आपने बताया था कि लोगों ने आपकी पत्नी से आपको छोड़ने के लिए कहा था?
अविनाश : हाँ, बहुत लोगों ने मेरी पत्नी से कहा – “छोड़ दो इसे, पूरी जिंदगी कैसे काटोगी?” लेकिन मेरी पत्नी ने कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा। जब मेरे पास हाथ नहीं थे उसका हाथ थामने के लिए, तब वो मेरी ताकत बनी और उसने मुझे फिर से खड़ा होने का हौसला दिया।
आइडल टाॅक्स : बिना हाथ-पैर के दोबारा जिंदगी शुरू करना, गाड़ी चलाना, बैंजो बजाना – ये सब कैसे संभव हुआ ?
अविनाश : मैंने खुद से वादा किया था कि मैं किसी पर बोझ नहीं बनूंगा। रोज़ प्रैक्टिस की। गिरा, फिर उठा। आज मैं खुद गाड़ी ड्राइव कर लेता हूँ, बैंजो बजाता हूँ, जिम में वर्कआउट करता हूँ। ये एक दिन में नहीं हुआ, इसके पीछे दो साल का संघर्ष और मेरी पत्नी का विश्वास है।
आइडल टाॅक्स : आप युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे ?
अविनाश : मैं यही कहना चाहता हूँ कि छोटी-छोटी परेशानियों में हार मत मानो। शरीर में अंग होना जरूरी नहीं, मन में हौसला होना जरूरी है।
IDOL TALKS™ के पाठकों के लिए अविनाश का संदेश :
“आज मैं सिर्फ अपने लिए नहीं जीता… मैं चाहता हूँ कि मेरी कहानी किसी एक इंसान को भी फिर से उठने की हिम्मत दे दे, तो मेरी जिंदगी सफल हो जाएगी। मेरी पत्नी मेरी ताकत है और हमारी कहानी अभी भी लिखी जा रही है।”
IDOL TALKS™ Editorial Team
Interview By: Shreya (IDOL TALKS™)
Idol Name : Avinash Rathore
Category: Social Impact
