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अपने जुनून को पेशा बनाने और दूसरों को प्रेरित करने का सफर

मिलिए एक ऐसी आइडल से, जिन्होंने नौकरी छोड़कर कला को बनाया जीवन 

कई बार जीवन में सबसे बड़ा बदलाव तब आता है, जब हम अपनी सुरक्षित राह छोड़कर उस दिशा में कदम बढ़ाते हैं, जहाँ हमारा दिल हमें ले जाना चाहता है। मुंबई की पूर्णकालिक कलाकार दामिनी वर्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।बचपन में स्कूल की किताबों में स्टिकर लगाने के बजाय महान व्यक्तियों के चित्र बनाने वाली दामिनी ने अपनी इसी प्रतिभा को जीवन का उद्देश्य बनाया। उन्होंने मुंबई से फाइन आर्ट्स में स्नातक किया। इसके बाद प्राचीन भारतीय संस्कृति में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की और ग्राफिक डिजाइनिंग एवं एनिमेशन में डिप्लोमा प्राप्त किया। कई वर्षों तक कॉर्पोरेट क्षेत्र में ग्राफिक डिजाइनर के रूप में काम करने के बाद वर्ष 2018 में उन्होंने पूर्णकालिक कलाकार बनने का निर्णय लिया। आज वह वॉल पेंटिंग, फैब्रिक पेंटिंग और आर्ट वर्कशॉप के माध्यम से अपनी रचनात्मकता को अभिव्यक्त कर रही हैं और दूसरों को भी कला से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

आइडल टॉक्स के साथ इस खास बातचीत में दामिनी वर्मा ने अपने बचपन, शिक्षा, करियर, चुनौतियों, सफलता के मायनों और युवाओं के लिए अपने संदेश को साझा किया।

आइडल टॉक्स के साथ खास बातचीत

आइडल टॉक्स : दामिनी, आपकी जीवन यात्रा की शुरुआत कैसे हुई

दामिनी : मैं एक पूर्णकालिक कलाकार हूँ। मेरे जीवन में एक नया अध्याय उस दिन शुरू हुआ, जब मैंने निर्णय लिया कि अब मुझे नौकरी करने के बजाय अपना काम शुरू करना है। यह फैसला मेरे लिए आसान नहीं था, लेकिन मैं अपने जुनून को समय देना चाहती थी।

आइडल टॉक्स : आपके बचपन के अनुभव कैसे रहे क्या बचपन से ही कला के प्रति आपकी रुचि थी

दामिनी : बचपन की एक दिलचस्प याद आज भी मेरे मन में है। जब स्कूल में किसी महान व्यक्ति के बारे में लिखने के लिए कहा जाता था, तो हम किताबों में उनके स्टिकर लगाते थे। लेकिन मुझे स्टिकर लगाने के बजाय उन महान व्यक्तियों के चित्र बनाना ज्यादा पसंद था। मेरे पिताजी ने मेरी इस प्रतिभा को पहचाना और मेरी कला की ट्रेनिंग शुरू करवा दी।

आइडल टॉक्स : आपकी शिक्षा और पेशेवर करियर की शुरुआत कैसे हुई

दामिनी : मैंने मुंबई से फाइन आर्ट्स में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद प्राचीन भारतीय संस्कृति में मास्टर्स किया और ग्राफिक डिजाइनिंग एवं एनिमेशन में डिप्लोमा भी प्राप्त किया। शिक्षा पूरी करने के बाद मैंने कई वर्षों तक अलग अलग कंपनियों में ग्राफिक डिजाइनर के रूप में काम किया और आखिरकार वर्ष 2018 में मैंने पूर्णकालिक कलाकार बनने का निर्णय लिया।

आइडल टॉक्स : आपकी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही है

दामिनी : सच कहूँ, तो मैंने अभी तक अपनी किसी एक उपलब्धि को सबसे बड़ा नहीं माना है। मेरे लिए अपने मन का काम कर पाना और उससे खुशी मिलना भी बहुत मायने रखता है।

आइडल टॉक्स : पूर्णकालिक कलाकार बनने के सफर में आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या रही

दामिनी : मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती अपना काम शुरू करना ही था। शुरुआत में मैंने कपड़ों पर प्रिंटिंग का काम किया, लेकिन उससे मुझे वह संतुष्टि नहीं मिली। इसके बाद मैंने आर्ट वर्कशॉप लेना शुरू किया और धीरे धीरे मुझे कमीशन पर पेंटिंग के ऑर्डर मिलने लगे।

आइडल टॉक्स :  आपके अनुसार सफलता का मूल मंत्र क्या है

दामिनी :  मेरे लिए सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है मन का सुकून। आप जो भी काम कर रहे हैं, अगर उसमें आपको खुशी मिलती है और आप उसे पूरे मन से कर पाते हैं, तो वह भी आपके लिए सफलता है।

आइडल टॉक्स : आज के युवाओं के लिए आपका क्या संदेश है

दामिनी : आजकल बहुत से युवा जल्दी सफलता हासिल करना चाहते हैं। लेकिन किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए समय, अनुभव और धैर्य की जरूरत होती है। मेरी सलाह यही है कि मेहनत और लगन से बढ़कर कुछ नहीं है।

आइडल टॉक्स : के पाठकों के लिए दामिनी वर्मा का संदेश

आप जो भी करें, दिल से करें और उस काम का आनंद लें। परिणाम की चिंता में अपने काम की खुशी मत खोइए। अपने सपने को एक मौका दीजिए और फिर देखिए, वह आपको बदले में क्या देता है।

दामिनी वर्मा की यात्रा हमें सिखाती है कि अपने जुनून को पेशे में बदलने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि साहस, धैर्य और निरंतर प्रयास भी जरूरी हैं।

✍️ IDOL TALKS™ Editorial Team

 

Idol Talks
Author: Idol Talks

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